FACES Institute of Acting
Certificate Course in Theatre & Film Acting
Syllabus - 2026

पाठ्यक्रम-परिचय

यह छः माह का प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम अभिनय में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, रंगकर्मियों, फिल्म एवं टेलीविजन में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं तथा अभिनय के क्षेत्र में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया गया है। पाठ्यक्रम रंगमंच और कैमरा अभिनय (Stage & Camera Acting) दोनों को ध्यान में रख कर बनाया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशिक्षुओं में व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक अभिनय-कौशल विकसित करने के साथ साथ व्यक्तित्व का विकास करना भी है। अतः यह पाठ्यक्रम भावी अभिनेताओं के लिए उच्च स्तरीय व्यवसायिक अभिनय प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ ही NEP 2020 के अनुरूप कॉलेज एवं स्कूल के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक पूरक पाठ्यक्रम के रूप में कार्य करता है।
पाठ्यक्रम की अवधि: 6 माह (लगभग 24 सप्ताह)
प्रशिक्षण पद्धति: सैद्धांतिक + व्यवहारिक + प्रस्तुति प्रतिभागिता
माध्यम: हिंदी
मूल्यांकन: लिखित, मौखिक, व्यावहारिक एवं प्रदर्शन आधारित
प्रमाण-पत्र: Certificate in Theatre & Film Acting
प्रशिक्षण समय: 8-10 घंटे (प्रति सप्ताह)

पाठ्यक्रम का उद्देश्य

पाठ्यक्रम पूर्ण करने के बाद विद्यार्थी:
  1. अभिनय की मूल अवधारणाओं को समझने के साथ ही अपने शरीर और आवाज को अभिनय के प्रभावी माध्यम के रूप में प्रयोग कर सकेगा।
  2. उच्चारण, वाक्-शैली, स्वर-परिवर्तन, संवाद-अदायगी, भाव-नियंत्रण एवं भाव अभिव्यक्ति में दक्षता प्राप्त कर सकेगा।
  3. कल्पना, एकाग्रता और अवलोकन क्षमता का विकास कर सकेगा।
  4. आशु-अभिनय (Improvisation) एवं स्व-स्फूर्त अभिनय (Spontaneous acting) करने में सक्षम होगा।
  5. नाटक, फिल्म और टीवी के स्क्रिप्ट और दृश्यों को समझ सकेगा एवं उनमें स्वाभाविक अभिनय करने में सक्षम होगा।
  6. अभिनय-साक्षात्कार (audition) के लिए पूर्ण रूप से सक्षम होगा।
  7. व्यावसायिक अनुशासन (professional discipline) विकसित हो सकेगा।
  8. कम से कम दो रंगमंचीय प्रस्तुति एवं कैमरा-आधारित अभिनय परियोजना में भाग ले सकेगा।
पाठ्यक्रम की संरचना

इकाई 1: अभिनय एवं रंगमंच (Acting & Theatre): अंक-200

A. सैद्धांतिक: 100

  1. अभिनय की अवधारणा
    • अभिनय की परिभाषा।
    • रंगमंच का इतिहास (उद्भव और विकास)।
    • भारतीय नाट्य एवं अभिनय की अवधारणा, प्रकार, सिद्धांत, रस और भाव।
    • पाश्चात्य रंगमंच एवं अभिनय के सिद्धांतों का परिचय।
  2. अभिनय के प्रमुख तत्व (शरीर, आवाज़, भाव-अभिव्यक्ति, चरित्रण)।

B. व्यवहारिक प्रशिक्षण: 100

  1. अभिनय अनुशासन (Acting Etiquettes)।
  2. आवाज एवं उच्चारण (Voice & Pronunciation) के अभ्यास।
  3. ऊँची आवाज में पढ़ने (Loud Reading) का अभ्यास।
  4. काव्य-पाठ (Poetry Recitation)।
  5. स्वर-परिवर्तन (Voice Modulation) का अभ्यास।
  6. भाव-अभिव्यक्ति (Expression of Emotion) और भाव-अभिनय (Emotion Acting) का अभ्यास।
  7. हाव-भाव और मुद्रा (Gesture & Posture) का अभ्यास।
  8. चलने का अभ्यास (Walking)।
  9. चरित्रण (Characterization) संबंधी अभ्यास।
  10. संवाद बोलने (Dialogue Delivery) के अभ्यास
    • विराम एवं बलाघात (Pause & Stress)।
    • एकालाप (Monologue)
    • स्वगत कथन (Soliloquy)
  11. अभिनय के अभ्यास
    • एकल अभिनय (Solo Acting)
    • मूक अभिनय (Mime)
    • मौन अभिनय (Silent Acting)
    • आशु अभिनय (Improvisation)
  12. शारीरिक अभ्यास (Physical Training)- जो उपरोक्त अभ्यासों के समानांतर चलेंगे। शारीरिक अभिनय, उच्चारण और संवाद, भाव-अभिव्यक्ति, चरित्रण का कार्यभार ।

इकाई 2: रंगमंचीय अभिनय - प्रयोग एवं प्रविधि: अंक-100

A. सैद्धांतिक 50

  1. रंगमंच की संरचना और प्रकार
    • भारतीय नाट्यशास्त्रीय रंगमंच
    • ग्रीक रंगमंच
    • आधुनिक प्रोसीनियम रंगमंच
    • अन्य रंगमंच
  2. प्रकाश-व्यवस्था
  3. संगीत एवं ध्वनि
  4. रूप-सज्जा एवं वस्त्राभूषण
  5. मंच सज्जा एवं मंच सामग्री
  6. पात्र सामग्री तथा शिल्प
  7. रंगमंचीय अभिनय के अनुशासन (Etiquettes of Stage Acting)

B. व्यवहारिक प्रशिक्षण: 50

  1. रंगमंच की संरचना और प्रकार पर कार्यभार और परियोजना
  2. प्रकाश-योजना बनाने एवं DMX पर प्रकाश संचालन का अभ्यास।
  3. दृश्यों के थीम के अनुसार संगीत का चयन करने एवं कंप्यूटर से उसके संचालन का अभ्यास।
  4. रूप-सज्जा करने का अभ्यास।
  5. धोती एवं साड़ी पहनने का अभ्यास।
  6. पात्र सामग्री जैसे मुकुट, आभूषण आदि बनाने का अभ्यास।
  7. रंगमंच पर सामूहिक अभिनय के दौरान मंच के अनुशासन का अभ्यास।
  8. दो नाट्य-प्रस्तुतियों में भागीदारी। (मूल्याङ्कन, रिहर्सल और प्रस्तुति दोनों के ही प्रदर्शन के आधार पर होगा।)

इकाई 3: कैमरा अभिनय एवं अभिनय-परीक्षा (Audition) अंक -100

A. सैद्धांतिक 20

  1. रंगमंच से सिनेमा तक अभिनय की यात्रा
  2. मंच अभिनय और फिल्म (कैमरा) अभिनय में प्रमुख अंतर
  3. कैमरा एवं फिल्म तकनीक
  4. छायांक और दृश्य-प्रयास
  5. कैमरा फ्रेमिंग
  6. अभिनय-परीक्षा (audition): अभिनय-परीक्षा के प्रकार, तैयारी एवं व्यावसायिक आचरण (Professional Behaviour)।

B. व्यवहारिक 80

  1. कैमरा के समक्ष, निकट, माध्यम और दूर अभिनय की परीक्षा
  2. एक ही संवाद (dialogue) को भिन्न प्रकार से प्रस्तुत करने की परीक्षा
  3. नाटकीय एकालाप (dramatic monologue)
  4. हास्य एकालाप (comic monologue)
  5. चलचित्र संवाद (film dialogue)
  6. स्व-परिचय (self-introduction)
  7. सेल्फ टेप (self-tape)

इकाई 4: दृश्य काव्य (नाट्य/फिल्म-साहित्य) अंक – 100

A. सैद्धांतिक 30

  1. निम्नलिखित हिंदी नाटकों का अध्ययन:
  2. अँधा-युग, अंधेर नगरी, आसाढ़ का एक दिन और जयचंद के आँसू।
  3. संवाद, नाटक और कथानक या पटकथा लेखन के सिद्धांत।

B. व्यवहारिक 70

  1. अधीत नाटकों एवं रचनात्मक लेखन से सम्बंधित दो परियोजना कार्य (असाइनमेंट)।
  2. संस्था द्वारा अनुशंसित साहित्य का अध्ययन।
नोट: आवश्यकतानुसार उपरोक्त पाठ्यक्रम/अंक-वितरण में संशोधन किया जा सकता है।